5 Tips about Grah pooja Tantra kriya You Can Use Today

मार्कशीट्स बैकडेट में बीपीएड में दाखिला दिखाकर तैयार की गई थीं.

* हर रोज कोई न कोई नई मुसीबत खड़ी होती हो तो काली इस तरह की घटनाएं भी रोक देती हैं।

इस तरह नवरात्रि के पूरे दिनों में मां की आराधना करें।

तांत्रिक अनुष्ठान: इस समय में विशेष तांत्रिक अनुष्ठानों का महत्व होता है। यह अनुष्ठान केवल योग्य गुरु के मार्गदर्शन में करें।

लगा दें इसे, मिटेगा कष्ट-क्लेश, आएगी बरकत!

गुप्त नवरात्रि में घट स्थापना और पूजन विधि

गुप्त नवरात्रि अंतिम दिन दुर्गा पूजा के बाद घट विसर्जन करें। 

घट (कलश) स्थापना नवरात्रि पूजा का प्रथम और सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यह शुभता, ऊर्जा, और देवी दुर्गा की उपस्थिति का प्रतीक है।

As outlined by Eradicating Black Magic, with this particular sadhana, the seeker can secure himself and his loved ones from evil eyes, tantric road blocks, misfortune, and enemy defects. The sadhana of such 9 days purifies the soul, cuts off aged sins and karmic bonds, and potential customers here the individual to new auspicious opportunities in life.

* लंबे समय से चली आ रही बीमारी दूर हो जाती हैं।

साधक को मनोवांछित सिद्धियां और फल प्राप्त होते हैं।

भुवनेश्वरी : ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं ऐं सौ: भुवनेश्वर्ये नम: या ह्रीं।

कमला : ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद-प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्म्यै नम:।

कलश में गंगाजल भरें और उसमें थोड़ा सा गंगाजल, चंदन, और दूर्वा डालें।

छिन्नमस्ता : श्रीं ह्रीं क्लीं ऐं वज्रवैरोचनीयै हूं हूं फट् स्वाहा:।

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